संदेश

नवंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Gunah By Shakuntala Brijmohan

चित्र
  गुनाह   विधा : कहानी द्वारा : शकुंतला ब्रजमोहन विश्व बुक्स द्वारा प्रकाशित   मूल्य: 55/- तृतीय संस्करण :   2010 पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक :  153   प्रस्तुत पुस्तक "गुनाह" कुल जमा 15 कहानियों का संग्रह है , जो आकार में लघुकथा से कुछ ही बड़ी हैं किंतु कथानक प्रभावी है एवं कहन रोचक तथा सरल है । इसके पहले कभी   लेखिका का कोई अन्य कार्य देखने में नहीं आया एवम पुस्तक पर भी उन का कोई विवरण उपलब्ध नहीं है। तात्पर्य यह की प्रस्तुत कहानी संग्रह किसी नामचीन्ह रचनाकार की कृति है ऐसा तो नहीं लगता किंतु कहानियां अपनी पहचान बनाने में अवश्य ही कामयाब हुई हैं।   साथ ही संस्करण भी तकरीबन 15 वर्ष पुराना मैं पढ़ रहा हूँ अतः लेखिका के विषय में बहुत ज्यादा जानकारी न हो पाना सामान्य ही है।       रचनाकार से इतर बात रचनाओं की करें, तो कहन प्रभावी है तथा शैली एवं विषय कथानक के प्रति जुड़ाव एवम संबद्धता निर्मित करते हैं। विषय में विविधता   देखने को मिलती है साथ ही कम शब्दों में विचारों की स्पष्टता , वाक्यों का सुंदर गठन एवम संवादों क...

Shoony Kaal Jo Suna Nahin Gaya By M K Madhu

चित्र
  शून्यकाल जो सुना नहीं गया   द्वारा एम के मधु   विधा : कविता संग्रह   सर्वभाषा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित   प्रथम संस्करण वर्ष    2022 मूल्य :  150.00 पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक : 151 एम के मधु , मूलतः बिहार से आते हैं किन्तु उनकी कर्मभूमि किसी क्षेत्रविशेष से संबद्ध नहीं रही न ही उनका लेखन किसी विशिष्ट विधा अथवा क्षेत्रीयता के दायरे में सिमटा एवं साहित्य जगत में उन्होनें अपनी श्रेष्ट रचनाओं के द्वारा अपना विशिष्ट स्थान बनाया है। वे विभिन्न साहित्य संस्थानों जुड़े हुए हैं एवं साहित्य जगत को उनका योगदान अविस्मरणीय है। प्रारंभ में उनका झुकाव पत्रकारिता की ओर था किन्तु पत्रकारिता जो अपनी राह चलती चली कालांतर में उनका पहला प्यार प्रख्यात   समाचार पत्रों हेतु पत्रकारिता करते हुए लेखन की ओर झुक गया फलस्वरूप   विभिन्न स्तरीय पत्रिकाओं में कविताएं एवं लेखन करते रहे जो बाद में   कहा जा सकता है पूर्णकालिक कार्य हो गया जहां उन्होंने संपादन का कार्य भी किया । “शून्य काल जो सुना नहीं गया” वरिष्ट कवि साहित्यकार निर्देशक एवं पत्रकार क...

ULTI GANGA BY PRAVEEN JHA

चित्र
  उल्टी गंगा द्वारा : प्रवीण झा विधा : कहानी संग्रह मैंड्रेक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संस्करण : 2021 मूल्य : 195/= पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक : 150 Top of Form प्रवीण कुमार झा मेरे लिए एक ऐसा नाम है जो सुन तो बहुत गया था किन्तु पूर्व में उनकी किसी पुस्तक से रूबरू होने का अवसर अभी तक नहीं   आया था तो उन्ही की कहानियों का संग्रह है उनकी पुस्तक “उलटी गंगा”।   यदि सच कहूँ तो पुस्तक को   यूं तो उस के कवर को देख कर ही चुना गया था पढ़ने के लिए किन्तु बाद में लेखक के विषय में भी जानकारी निकाली गई (जिसका बड़ा हिस्सा तो पुस्तक के पृष्ट पर मिल ही जाता है अतः इसमें मेरा कोई विशेष शोध नहीं रहा) तो पता चला की इन्हें पढ़ने में दरअसल मै ही पिछड़ गया हूँ। युवा लेखक हिन्दी   और अंग्रेजी में बहुतेरी पुस्तकें लिख चुके हैं एवं पेशे से एक चिकित्सक हैं साथ ही ऐसे लेखक हैं जो विभिन्न विधाओं   में लेखन कार्य करते रहते हैं। मूलतः   बिहार से हैं एवं विभिन्न राष्ट्रों में प्रवास करते हुए संप्रति नार्वे में निवास कर रहे हैं।   उनकी पहली पुस्तक ' चमनलाल की डायरी...