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Syaah Hote Rang -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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    • Pustak Samiksha : Atulya Khare     • समीक्षित  पुस्तक : स्याह होते रंग     • द्वारा : डॉ. प्रदीप उपाध्याय     • विधा : लघुकथा     • लिटरेचर लेंड द्वारा प्रकाशित       • प्रथम प्रकाशन वर्ष : 2026      • मूल्य : 461      • समीक्षा क्रमांक : 247                               ​वरिष्ठ साहित्यकार एवं अपने तीक्ष्ण व्यंग्य लेखों हेतु विशेष रूप से पहचाने जाने वाले डॉ. प्रदीप उपाध्याय का लघुकथा संग्रह "स्याह होते रंग" हालिया दौर में हिंदी लघुकथा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाता है। उनका यह लघुकथा संग्रह किसी साहित्यिक प्रयोग की महत्त्वाकांक्षा से नहीं लिखा गया है अपितु इसमें उन्होंने आज के जीवन की वास्तविकता के धरातल पर असहज कर देने वाली और बाज दफा तो चुभती हुई सच्चाइयों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया है। यूं भी प्रतीत होता है की यह उनके प्रत्यक्ष घटित एवं स्व-अनुभूत वाकयों और प्राप्त तज...

क se kahaniyan -- Pustak samiksha : Atulya Khare

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  Pustak samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : क से कहानियाँ विधा: कहानी द्वारा: अभिनव गुप्ता बोधरस प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण: 2025 मूल्य : 200 समीक्षा क्रमांक : 210 “क से कहानियां,” युवा लेखक अभिनव गुप्ता का पहला कहानी संग्रह है किन्तु अभिव्यक्ति में परिपक्वता , सरल भाषा, प्रवाह में सरलता तथा पाठक के दिल तक पहुचने की कला , उनमें अपार संभावनाएं दर्शाती है। पुस्तक के प्रारंभ से पूर्व ही , पिता के लिए श्रद्धा सुमन स्वरूप लिखित चंद पंक्तियां प्रभावित करती हैं एवं पुस्तक की सबसे सुंदर पंक्तियों में से है। पुस्तक में यूं तो 12 कहानियां संग्रहीत हैं किन्तु सब अपने भाव एवं कथानक में विविधता रखते हुए हमारे इर्द गिर्द की बात ही लगती हैं। कही किसी विषय विशेष अथवा अद्भुत पात्र का सृजन नहीं है , पात्र भी हमारे अपने ही लगते हैं, फिर वह करीबी रिश्तेदार हो अथवा कोई मित्र या पड़ोसी, सब से पाठक को सहज ही जुड़ाव हो जाता है एवं सब अपने लगने लगते हैं, और कहानी अपनी कहानी । प्रमुखता से कहा जा सकता है कि विषय अथवा परिदृश्य सृजित कर, पात्र उसमें पिरोये गए हों ऐसे प्रतीत नहीं होते, अपितु व...

Main Aur Meri Kahaniyan -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  Pustak Samiksha : Atulya Khare मैं और मेरी कहानियां   द्वारा: डॉ. प्रदीप उपाध्याय विधा: कहानी संग्रह   साहित्यभूमि द्वारा प्रकाशित   प्रथम संस्करण : 2023 मूल्य : 395.00 पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक : 157  डॉक्टर प्रदीप उपाध्याय,   साहित्य जगत में जाना पहचान नाम , वहीं   मध्यप्रदेश की ऐसी जानी मानी साहित्यिक हस्ती जो साहित्य को पूर्ण समर्पित होने के पूर्व मध्यप्रदेश शासन में उच्च प्रशासनिक पदों पर रहे और क्योंकि उन्होंने सिक्के के दोनो ही पहलू अर्थात प्रशासनिक व्यवस्था एवम   आम जन का पक्ष भी देखा हुआ है अतः इसका समेकित प्रभाव भी उनके लेखन में बखूबी नजर आता है, तथा वे उन बिंदुओं पर निर्णयात्मक स्थिति   में होते हैं जहां अन्य लेखक बंधु तजुर्बे अथवा विशिष्ट क्षेत्र की जानकारी के अभाव में स्पष्टता नहीं रख पाते या फिर उस स्थल पर कुछ कहने से पहले ही कन्नी काट लेते हैं । उनकी अधिकतर कहानियां उनके प्रकृति प्रेम एवम मूक प्राणियों के प्रति उनके स्नेह को दर्शाती   हैं साथ ही कहानियों के विषय भी आम जन के जन जीवन के रोजमर्रा के घटनाक्रम...