kaisi Paheli Zindgani -- Pustak Samiksha : Atulya Khare
Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : कैसी पहेली ज़िंदगानी विधा : कहानी द्वारा : रेणु गुप्ता बोधरस प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 370.00 प्रथम संस्करण : 2025 समीक्षा क्रमांक : 200 “कैसी पहेली ज़िंदगानी” रेणु गुप्ता की 21 कहानियों का बोधरस प्रकाशन द्वारा प्रकाशित कहानी संग्रह, जहां जीवन के अमूमन सभी क्षेत्रों से जुड़ी, बहुत हद तक वास्तविकता के करीब, जीवन के हर रंग को अपने में समेटते हुए कहानियां हैं, जहां हमारे करीबी जन, यथा आस पड़ोस का बेरोजगार युवक अथवा घरेलू कार्यों हेतु आने वाली सहायिका या फिर सब्जी वाला, ऑटो वाला या फिर मकान मालिक, कोई सहकर्मी अथवा परिवार का ही सदस्य जैसे जाने पहचाने लोग ही किरदार हैं वहीं उनकी कहानियों के विषय हमारे रोजमर्रा जीवन से जुड़े हुए भरपूर विविधता लिए हुए हैं। आकार के हिसाब से एक दो को छोड़ दें तो कहानियां छोटी ही हैं , भाषा प्रभावित करती है, कहानियों के शीर्षक पर मेहनत की गई है जो की कथानक से जोड़ता है और कथानक अपनी गतिशीलता के चलते पाठक को सम्बद्ध रखने में सक्षम है। लेखिका की अधिकांश कहानियों नारी विमर्श क...