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Fakiri Jhole Ke Item -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  ·                 Pustak Samiksha : Atulya Khare ·                 समीक्षित पुस्तक : फकीरी झोले के आइटम ·                 विधा: व्यंग्य कथा ·                 द्वारा: डॉ . प्रदीप उपाध्याय ·                 Manda Publishers द्वारा प्रकाशित ·                 प्रथम संस्करण : 2026 ·                 मूल्य : 349. 00 ·                 समीक्षा क्रमांक : 237 "फकीरी झोले के आइटम"   लेखक के व्यंग्य...

Dimag Walo Savdhan -- Pustak Samiksha : Atulya Khare Dharmpal Mahendra Jain

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Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : दिमाग वालो सावधान विधा : व्यंग्य द्वारा : धर्मपाल महेंद्र जैन किताबगंज   प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2020 मूल्य : 500.00 समीक्षा क्रमांक :  140 धर्मपाल महेंद्र जैन व्यंग्य लेखन में एक जाना पहचान नाम है। मूलतः मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र झाबुआ के निवासी, किन्तु वर्तमान में कनाडा में बस जाने के बावजूद वे अपने देश अपनी मिट्टी से जुड़े हुए है और यह उनकी रचनाओं में, उनके चिंतन में स्पष्ट नजर आता है। मूलतः व्यंग्य लेखन करते हुए वे काव्य सृजन के क्षेत्र में भी स्तरीय रचनाएं लिख कर साहित्य समृद्धि में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं।   उनकी विभिन्न व्यंग्य रचनाओं का संग्रह है “दिमाग वालो   सावधान”। रचनाओं का जिक्र करें उसके पहले थोड़ी बात   इस विशिष्ट विधा की। व्यंग्य लेखन हिन्दी साहित्य में वह विशिष्ठ एवं दुष्कर शैली है जिसमें व्यंग्यकार समाज , राजनीति , या किसी अन्य विषय पर व्यंग्यात्मक एवं आलोचनात्मक दृष्टिकोण से लिखता है तथा चुभती हुई बातें कुछ इस तरह प्रस्तुत कर दी जाती हैं की “घाव ...

Sahitya Ki Gumtee -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  Pustak Samiksha : Atulya Khare    समीक्षित पुस्तक : साहित्य की गुमटी द्वारा: धर्मपाल महेंद्र जैन शिवना प्रकाशन सीहोर द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2025 मूल्य : 275.00 समीक्षा क्रमांक : 227 प्रभावी शैली के वरिष्ठ व्यंग्यकार, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान रखने वाले सम्मानीय लेखक, प्रवासी धर्मपाल महेंद्र जैन का नवीनतम व्यंग्य संग्रह  ' साहित्य की गुमटी ' समकालीन हिंदी साहित्य की एक महत्वपूर्ण कृति है। 50 व्यंग्य रचनाओं का यह संग्रह समाज , राजनीति , प्रशासन की विसंगतियों का एक बेहतरीन कच्चा चिट्ठा है जिसे शिवना प्रकाशन सीहोर द्वारा आकर्षक आवरण पृष्ट के संग प्रकाशित किया गया है। इसमें शामिल समस्त रचनाएं रचनाएँ यूं आकार में तो छोटी हैं , किन्तु व्यवस्था की विसंगतियों पर चोट बड़ी ही करती है। इसके पूर्व धर्मपाल जी के 8 व्यंग्य संग्रह एवं 4 कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जबकि विभिन्न पत्र पत्रिकाओं मे स्थायी स्तम्भ लेखन एवं सम्पादन कार्य की लंबी सूची है एवं साहित्य विभूषण तथा व्यंग्य भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान के साथ ही समय समय पर उनके साहित्य ज...

Pile Half Pent Wali Ladki -- pustak samiksha : atulya khare

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pustak samiksha : atulya khare   पीले हाफ पैंट वाली लड़की द्वारा      : अरुण अर्णव खरे प्रकाशक: हंस प्रकाशन क्यू पढ़ें :- साहित्यिक गरिष्ठता से परे, स्वस्थ मनोरंजन, एवं हल्का फुल्का चिंतन करने को दिशा    प्रदान करती , मध्यम वर्गीय समाज के सामान्य जन जीवन से लिए गए सुन्दर किस्से हैं , रोचकता के संग शब्दों का चयन एवं वाक्य विन्यास भी सहज है।  शीर्षक:- यूं तो प्रस्तुत कथा संग्रह की प्रत्येक कहानी अपने आप में विशिष्ठ है, एवं उच्च कोटि का स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करने में सक्षम है, किन्तु एक बेहद ही रोचक एवं तनिक मार्मिक कहानी है “पीले हाफ पेंट वाली लड़की” जिसे पढ़ने के पश्चात जहाँ उस शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट हो जाती है वही उसे पुस्तक का शीर्षक बनाने हेतु क्यूँ चुना गया इस बात में भी कोई संशय नहीं रह जाता, क्यूंकि वह कहानी है ही इतनी विशेष। वैसे यह पूर्व में भी कह चुका हूँ की लेखक अपनी किस रचना को प्रमुखता देना चाहता है यह पूर्णतः उसी के स्वविवेक पर एवं व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अन्य    किसी का दखल मेरी दृष्टि में सर्वथ...