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Meri Fantasiyan -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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    Pustak Samiksha : Atulya Khare    समीक्षित पुस्तक : मेरी फंतासियाँ द्वारा: सुरेश उनियाल काव्यांश प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण :2025 मूल्य : 275.00 समीक्षा क्रमांक : 219 सत्य घटनाओं पर आधारित किस्से कहानियों से परे, अमूमन प्रत्येक कहानी अंततः लेखक की “कल्पना” ही होती है, फिर वह कहानी सामाजिक हो अथवा कोई प्रेम कथा, लेखक पात्रों और परिस्थितियों का सृजन अपनी कल्पना के आधार पर स्वयं करता है। “ फैंटेसी ” भी है तो लेखक की कल्पना ही, फिर सहज ही यह प्रश्न कौंधता है कि सहज कल्पना और फेंटेसी में ऐसे क्या फरक हैं की इसे अलग विधा के रूप में देखा जाता है।     साहित्य की दुनिया में  ' कल्पना ' और  ' फैंटेसी ' के बीच एक महीन किन्तु स्पष्ट विभाजन रेखा है , जिसके कारण फैंटेसी को एक अलग विधा माना जाता है। ​ यथार्थवादी कहानियाँ जहां दुनिया के भौतिक एवं सामाजिक नियमों का पालन करती हैं, एवं लेखक द्वारा की गई कल्पना “ संभावनाओं ” के भीतर होती है अर्थात उसकी कल्पना सत्य में परिणित भी हो सकती है, वहीं ​ फैंटेसी में लेखक अपनी दुनिया और उस फेंटसी ...

Prem Prakriya Hai -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  Pustak Samiksha : Atulya Khare  समीक्षित पुस्तक : प्रेम प्रक्रिया है द्वारा : भुवनेश्वर उपाध्याय विचार प्रकाशन, ग्वालियर, द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2024 मूल्य : 250.00 समीक्षा क्रमांक : 218 प्रेम, एक निस्वार्थ भावना, जिसमें अन्य की खुशी एवं कल्याण “स्व” से ऊपर है। सम्मान, समर्पण एवं निजता संग आजादी की उपस्थिति में ही सच्चा प्रेम अंकुरित होता है। प्रेम मात्र आकर्षण नहीं , अपितु गहरा जुड़ाव , सुरक्षा और विश्वास का अहसास है। इसके प्रति भिन्न भावनात्मक , मनोवैज्ञानिक एवं दार्शनिक तथा साहित्यिक दृष्टिकोण व्यापक रूप में नज़र आते हैं, किन्तु सभी में अमूमन आत्मीयता , चाहत का जुनून एवं प्रिय के प्रति प्रतिबद्धता जैसे तत्व विद्यमान रहते हैं वहीं विज्ञान इसे मस्तिष्क में होने वाली एक रासायनिक क्रिया मात्र मानता है जहां कुछ ऐसे रसायन उतत्पन्न होते हैं जो खुशी का एहसास करवाते हैं।                                                         ...

Kanpur To Kalapani -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : कानपुर टु कालापानी द्वारा : रूपसिंह चन्देल अमन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2019 मूल्य : 225.00 समीक्षा क्रमांक : 217                                                                        “कानपुर टू कालापानी” ,  वरिष्ठ उपन्यासकार रूप सिंह चन्देल द्वारा लिखित एक विशिष्ट उपन्यास है, जिसे   अमन प्रकाशन   ने वर्ष 2019 में प्रकाशित किया था। रूप सिंह चंदेल जी द्वारा प्रथम विश्व युद्ध के परिदृश्य में लिखित एक सामाजिक उपन्यास जो तत्कालीन भारत की सामाजिक, आर्थिक एवम धार्मिक स्थितियों का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है।                                                         प्रस्तुत उपन्यास प्रथम विश्व...

Raag Kasoomal -- Pustak samiksha : Atulya Khare

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  Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : राग कसूमल द्वारा : डॉ.रमेश चंद मीणा   वेरा प्रकाशन जयपुर द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2026 मूल्य – 250 समीक्षा क्रमांक : 216 प्रेम, एतिहासिकता एवं कला का सुंदर सुयोग प्रस्तुत करता, “राग कसूमल” युवा कलाकार, साहित्यकार डॉ. रमेश चंद मीणा का सद्य प्रकाशित उपन्यास है जिसे वेरा प्रकाशन जयपुर द्वारा अत्यंत सुरुचिपूर्ण कलेवर में प्रस्तुत किया गया है। पेशे से चित्रकला शिक्षण का दायित्व निबाहते हुए, डॉ .रमेश चंद मीणा, चित्रकला की दुनिया में एक स्थापित नाम एवं सुपरिचित चेहरा है जिन्हें हाल फिलहाल तक रवीन्द्र नाथ टैगोर कला सम्मान , अजन्ता एलोरा कला दीर्घा सम्मान के साथ साथ अनेक नामचीन स्थाओं द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित पुरुस्कारों द्वारा नवाज़ा जा चुका है। पुस्तक का आवरण पृष्ट राजस्थानी रजवाड़ों की झलक दर्शाता हुआ आकर्षक है वहीं विशिष्ठ उल्लेख यह भी की पुस्तक के प्रकाशन में प्रकाशक द्वारा किये गए प्रयास सार्थक हैं तथा पुस्तक पूर्णतः त्रुटि रहित है।    यूं तो यह डॉ. रमेश की बतौर उपन्यासकार पहली प्रस्तुति है, किन्तु भक्ति, प्रेम...