Adhjale Thudde -- Pustak samiksha : Atulya Khare
Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : अधजले ठुड्डे विधा : कहानी द्वारा : हंसा दीप वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 399.00 समीक्षा क्रमांक : 214 हंसा दीप समकालीन हिंदी साहित्य का सुपरिचित, प्रखर, हस्ताक्षर जिन्होंने सात समंदर पार से भी हिन्दी के साहित्यिक परिदृश्य को अपनी अविस्मरणीय कृतियों द्वारा समृद्द किया है। उनकी लेखनी का साहित्य के माध्यम से दो भिन्न राष्ट्रों की भिन्न संस्कृतियों के बीच एक सूत्र रूप में उल्लेखनीय एवं अविस्मरणीय योगदान है। उनकी कहानियों के माध्यम से वे भारतीय संस्कारों तथा विचारों को पाश्चात्य परिवेश के साथ अत्यंत गरिमा मर्यादा एवं संवेदनशीलता से संबद्द करती है। एक विदुषी के रूप में उनकी वैचारिक स्पष्टता एवं लेखिका के रूप में सहज एवं स्पष्ट अभिव्यक्ति को पाठकों से सदैव श्रेष्ट सकारात्मक प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। उन के द्वारा सृजित कृतियों की फेहरिस्त लंबी है किन्तु चंद नाम उल्लेखनीय हैं यथा उपन्यासों में : “बंद मुट्ठी”,“कुबेर”, “केसरिया बालम”, “कांच के घर”, तो वहीं कहानी संग्रह, “चश्मे अपने अपने”, “प्रवास में आ...