Syaah Hote Rang -- Pustak Samiksha : Atulya Khare
• Pustak Samiksha : Atulya Khare • समीक्षित पुस्तक : स्याह होते रंग • द्वारा : डॉ. प्रदीप उपाध्याय • विधा : लघुकथा • लिटरेचर लेंड द्वारा प्रकाशित • प्रथम प्रकाशन वर्ष : 2026 • मूल्य : 461 • समीक्षा क्रमांक : 247 वरिष्ठ साहित्यकार एवं अपने तीक्ष्ण व्यंग्य लेखों हेतु विशेष रूप से पहचाने जाने वाले डॉ. प्रदीप उपाध्याय का लघुकथा संग्रह "स्याह होते रंग" हालिया दौर में हिंदी लघुकथा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाता है। उनका यह लघुकथा संग्रह किसी साहित्यिक प्रयोग की महत्त्वाकांक्षा से नहीं लिखा गया है अपितु इसमें उन्होंने आज के जीवन की वास्तविकता के धरातल पर असहज कर देने वाली और बाज दफा तो चुभती हुई सच्चाइयों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया है। यूं भी प्रतीत होता है की यह उनके प्रत्यक्ष घटित एवं स्व-अनुभूत वाकयों और प्राप्त तज...