संदेश

सितंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Gumshuda Credit Cards Editor Neelam Kulshreshth

चित्र
  गुमशुदा क्रेडिट कार्डस समीक्षा क्रमांक   : 93 कहानी संकलन : गुमशुदा क्रेडिट कार्डस   नीलम कुलश्रेष्ठ द्वारा संपादित एवं वनिका पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित मूल्य : 280.00 प्रस्तुत कहानी संकलन “ गुमशुदा क्रेडिट कार्डस ” , की समीक्षा निश्चय ही अत्यंत दुरूह कार्य था ,14 श्रेष्ठ लेखिकाओं की श्रेष्ठ रचनाओं को स्वतंत्र रूप से पढ़कर उसे अलग अलग यूं समीक्षित करना की संपूर्णता के साथ एक दूसरे के प्रभाव से कतई प्रभावित भी न हों। यूं  तो समग्र रूप से पुस्तक के विषय में एवं संकलन में सम्मिलित कहानियों के विषय में एक सामान्य राय दी जा सकती थी किन्तु मैंने उसे प्रत्येक विदुषी लेखिका के लेखन के विषय में, उनकी  लेखन शैली को जानने समझने हेतु प्राप्त एक सुअवसर के रूप में देखा एवं सभी कहानियों को इत्मीनान से पढ़ कर उन पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं । सभी कहानियों में मूल भाव लगभग एक ही है और हो भी क्यों न , जब की विषय ही माँ पर केंद्रित हो।   हर मां लगभग समान परिस्थिति   को झेलती है इसीलिए तो हर   रूप में नारी की कसमसाहट , मां की उहापोह के हालात , पत्नी...

Kuchh Khas Nahin By Satish Sardana

चित्र
  “कुछ खास नहीं   कहानी संग्रह “कुछ खास नहीं” द्वारा : सतीश सरदाना विम्ब प्रतिबिंब प्रकाशन द्वारा प्रकाशित   मूल्य : 250.00 पुस्तक समीक्षा क्रमांक : 9 2 सतीश सरदाना जी का समीक्षाधीन कथा संग्रह “कुछ खास नहीं” 17 बेजोड़ कथाओं का संग्रह है जो कि निश्चय   ही एक   संग्रहणीय   कृति है।   मूलतः भाव को आकार देती रचनाएं हैं  इस के पूर्व सरदाना जी का काव्य संग्रह “माँ  अंधेरा ढोती थी”  प्रकाशित हुआ था एवं     विभिन्न पत्र पत्रिकाओं   इत्यादि में उनकी रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होती ही   रहती हैं ।   प्रचार प्रसार से दूर निरंतर स्तरीय साहित्य सृजन में   व्यस्त रहने वाली शख्शियत सरदाना जी सुस्थापित साहित्यकार हैं ।   इस पुस्तक के पूर्व मैने   उनके कविता संग्रह “माँ   अंधेरा ढोती थी” कि समीक्षा की थी एवं तभी यह स्पष्ट हो गया था कि   सतीश सरदाना जी की लेखनी में वह बात है की वे अत्यंत शांत भाव से   अपने भाव व्यक्त कर देते है , वर्तमान में जो भी घटित हो रहा है वह उनकी कविताओं में अथवा उनकी...