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Zindagi Store -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  pustak samiksha : Atulya Khare   समीक्षित पुस्तक : ज़िंदगी स्टोर  द्वारा      : भरत गढ़वी FLYDREAMS द्वारा प्रकाशित मूल्य : 220 /-     शेर लेखन एक कला है जिसके लिए श्रेष्ठ वैचारिक सम्पदा, गहन सोच ,गंभीर  विचारों का खजाना और एवं उपयुक्त शब्दों का चयन वांक्षणीय है। शेर केवल दो ही पंक्तियों का होता है। इस की पहली पंक्ति को मिसरा-ए-उला कहते हैं जबकि  दूसरी पंक्ति को मिसरा-ए-सानी कहते हैं। शेर के दोनों मिसरे निर्धारित मात्रिक-क्रम की दृष्टि से एक से होते हैं। हम कह सकते है कि शेर दो पंक्तियों की एक कविता होती है , इसमें तुकबंदी होना अनिवार्य नहीं है , हो भी सकती है और नहीं भी। वहीं शायरी अपने मन की बात को अभिव्यक्त करने का बिल्कुल अलग आयाम है। शायरी लिखने में विशेष तौर पर शब्दों का ध्यान रखना होता है ।शायरी पिछली कई सदियों से लोगों के दिलों पर राज करती हुई आ रही है। शेरों की पंक्तियों को और उनके पढ़ने के अंदाज़ को शायरी कहते हैं। शायरी एक साहित्यिक कृति है जिसमें विशिष्ट शैली और लय के उपयोग से भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति को ...

Kaali Bakasiya -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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pustak samiksha : atulya khare  समीक्षित पुस्तक : काली बकसिया            द्वारा: आभा श्रीवास्तव            विधा : कहानी             हिन्द युग्म द्वारा प्रकाशित    “ काली बकसिया ” सुप्रसिद्ध, वरिष्ट लेखिका आभा श्रीवास्तव जी का पहला कहानी संग्रह था, जिसे साहित्य जगत में आशातीत सफलता प्राप्त हुयी थी, इसके बाद उनका दूसरा कथा संग्रह “दिसंबर संजोग” के नाम से प्रकाशित हुआ था जिसकी समीक्षा मेरे द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की जा चुकी है। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में नियमित रूप से उनकी रचनाओं का प्रकाशन होता ही रहता है जिनमें कुछ तो धारावाहिक रूप से प्रकाशित हुए हैं। बाल साहित्य पर उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है तथा उस क्षेत्र में उनकी एक विशेष पहचान है। उनके लेखन से गंभीरता एवं स्थिरता का स्पष्ट आभास होता है। उनकी कहानियों को पढ़ कर बाज़ दफा उनके संस्मरण होने का आभास होता है किन्तु वास्तविकता इस से परे है। उनके पात्र समाज के बीच से ही आते है किन्तु उनकी व्याख्या एवं उनकी उपस्थिति इतनी...

PACHHISVAN PREM PATRA -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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  Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : पच्चीस वां प्रेम पत्र   विधा: कहानी संग्रह   द्वारा   : आभा श्रीवास्तव   न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित   प्रथम संस्करण : 2025 मूल्य : 250 पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक   : 171 “ काली बकसिया ” , “दिसंबर संजोग” जैसे बेजोड़ कहानी संग्रहों की शानदार कामयाबी जिनके नाम है साथ ही अमूमन हर प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में जिनकी   कहानियाँ प्रकाशित होती ही रहती हैं एवं जो हालिया चलन के विपरीत प्रचार प्रसार से दूरी बना कर रखती हैं , और जिनके पाठक वर्ग को सदैव उनकी रचनाओं का इंतजार बना रहता है उन , वरिष्ट कहानीकार आभा श्रीवास्तव जी का कहानी संग्रह “ पच्चीस वां प्रेम पत्र”, प्रेम रस में सरोबार अपने प्रबुद्धह पाठकों हेतु प्रस्तुत है , जिसमें प्रेम के विभिन्न रंगों में डूबी 20 कहानियाँ हैं और सभी में कुछ न कुछ नयापन , कथानक में कुछ विविधता तथा बहुत कुछ आज की बात है। पूर्व में उन्होनें बाल साहित्य पर भी काफी कार्य किया है एवं इस संग्रह के प्रकाशन के पश्चात जिसमें युवाओं को लेकर बहुत सारी कहानिया...