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Pile Half Pent Wali Ladki -- pustak samiksha : atulya khare

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pustak samiksha : atulya khare   पीले हाफ पैंट वाली लड़की द्वारा      : अरुण अर्णव खरे प्रकाशक: हंस प्रकाशन क्यू पढ़ें :- साहित्यिक गरिष्ठता से परे, स्वस्थ मनोरंजन, एवं हल्का फुल्का चिंतन करने को दिशा    प्रदान करती , मध्यम वर्गीय समाज के सामान्य जन जीवन से लिए गए सुन्दर किस्से हैं , रोचकता के संग शब्दों का चयन एवं वाक्य विन्यास भी सहज है।  शीर्षक:- यूं तो प्रस्तुत कथा संग्रह की प्रत्येक कहानी अपने आप में विशिष्ठ है, एवं उच्च कोटि का स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करने में सक्षम है, किन्तु एक बेहद ही रोचक एवं तनिक मार्मिक कहानी है “पीले हाफ पेंट वाली लड़की” जिसे पढ़ने के पश्चात जहाँ उस शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट हो जाती है वही उसे पुस्तक का शीर्षक बनाने हेतु क्यूँ चुना गया इस बात में भी कोई संशय नहीं रह जाता, क्यूंकि वह कहानी है ही इतनी विशेष। वैसे यह पूर्व में भी कह चुका हूँ की लेखक अपनी किस रचना को प्रमुखता देना चाहता है यह पूर्णतः उसी के स्वविवेक पर एवं व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अन्य    किसी का दखल मेरी दृष्टि में सर्वथ...

Charlie Chaplin Ne Kaha Tha By Arun Arnav Khare

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 pustak samiksha : atulya Khare  समीक्षित पुस्तक  : चार्ली चैप्लिन ने कहा था द्वारा           : अरुण अर्णव   खरे इण्डिया नेटबुक्सद्वारा प्रकाशित  शीर्षक :- कोरोना की भयानक त्रासदी से बमुश्किल ही कोई शख्स अनछुआ   रहा हो, अमूमन   उस दौर की मुश्किलात से हर कोई दो चार हुआ किन्तु अरुण अर्णव खरे जी ने एक लेखक मन ने उसको और गहराई से जाकर देखा समझा, तो उन्हें कहीं इंसानियत नज़र आई,   कहीं सौहार्द और आपसी भाई चारा और मानवता ,पर   सबसे अहम् ये, कि     इस सबके बीच जिंदादिली भी हमेशा   बरक़रार रही ।   ऐसी ही जिंदादिली बरक़रार रखने की महान   हास्य सम्राट चार्ली चेपलिन की कही हुयी बात कि “हँस   लो तो सारा तनाव गायब हो जाता है सोचने समझने की शक्ति बढ़ जाती है”    याद रख खुश बने रहने वाले लोग भी थे । उसी प्रेरणा दायक सन्देश को पुस्तक के शीर्षक हेतु चुना है।                         क्यूँ पढ़ें:- “चार्ली चैप्लिन ने कहा था” ख्...

Coaching @ Kota -- pustak samiksha : atulya khare

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                   pustak samiksha : atulya khare   समीक्षित पुस्तक : कोचिंग @कोटा द्वारा : अरुण अर्णव खरे   ए पी एन पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित (प्रथम संस्करण 2019) मूल्य : 180 .00 पृष्ट संख्या     : 130 समीक्षा क्रमांक   : 103 विगत कुछ वर्षों में राजस्थान का कोटा शहर एक विशाल शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है । देश के प्रीतिष्ठित इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कालेजों में प्रवेश हेतु बढ़ती गला काट   स्पर्धा के बीच कोटा के कोचिंग संस्थान सफलता की एक गारंटी     बनकर उभरे हैं । अभिभावकों एवं छात्र छात्राओं की मानसिकता “कोटा में पढे बगैर प्रवेश नहीं” वाली बन गई जिसका भरपूर फायदा चंद कोचिंग संस्थानों को मिला   है, एवं वर्तमान में तो कोचिंग संस्थानों की बाढ़ सी आ चुकी है कोटा शहर में । चंद कोचिंग संस्थानों नें काफी नाम भी कमाया है एवं परिणामस्वरूप सम्पूर्ण राष्ट्र से किन्तु विशेष   तौर पर राजस्थान के समीपवर्ती   राज्यों यथा मध्य प्रदेश , गुजरात , उत्तर प्रदेश से आने वाले ...