Prem Prakriya Hai By Bhubneshwar Upadhyay
प्रेम प्रक्रिया है द्वारा : भुवनेश्वर उपाध्याय विचार प्रकाशन, ग्वालियर, द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2024 मूल्य : 250.00 समीक्षा क्रमांक : 218 प्रेम, एक निस्वार्थ भावना, जिसमें अन्य की खुशी एवं कल्याण “स्व” से ऊपर है। सम्मान, समर्पण एवं निजता संग आजादी की उपस्थिति में ही सच्चा प्रेम अंकुरित होता है। प्रेम मात्र आकर्षण नहीं , अपितु गहरा जुड़ाव , सुरक्षा और विश्वास का अहसास है। इसके प्रति भिन्न भावनात्मक , मनोवैज्ञानिक एवं दार्शनिक तथा साहित्यिक दृष्टिकोण व्यापक रूप में नज़र आते हैं, किन्तु सभी में अमूमन आत्मीयता , चाहत का जुनून एवं प्रिय के प्रति प्रतिबद्धता जैसे तत्व विद्यमान रहते हैं वहीं विज्ञान इसे मस्तिष्क में होने वाली एक रासायनिक क्रिया मात्र मानता है जहां कुछ ऐसे रसायन उतत्पन्न होते हैं जो खुशी का एहसास करवाते हैं। प्रेम के संबंध में उत्पन्न होते अनेकों प्रश...