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Aalochna Ka Janpaksh -- pustak samiksha : Atulya Khare

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 pustak samiksha : Atulya Khare   समीक्षित पुस्तक : आलोचना का जनपक्ष द्वारा        : रमेश खत्री प्रकाशक   :   मंथन प्रकाशन, जयपुर   शीर्षक :   प्रस्तुत पुस्तक हिंदी साहित्य जगत में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कुछ विशिष्ट साहित्यकारों की रचनाओं की विस्तृत समालोचना करते हुए   चंद आलोचनात्मक लेखों का संग्रह है । अतः शीर्षक सर्वथा युक्तियुक्त एवं तर्कसंगत   है। रचनाकार : रचनाकार रमेश खत्री जी के विषय में बताता चलूं , खत्री जी की विभिन्न पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है वह काफी लंबे समय से साहित्य से जुड़े हुए हैं एवं पूर्व में भी उन्होंने आकाशवाणी को अपनी सेवाएं दी जिसको   हम साहित्य से जुड़ा हुआ होना ही मानते हैं                                          उनके विभिन्न कहानी संग्रह जैसे “साक्षात्कार” “देहरी के इधर-उधर” ‘” महायात्रा” ,”ढलान के उस तरफ” ,   “ इक्कीस कहानियां” आदि प्रकाशित हुए हैं ...

Shabdon Ke Ganv -- pustak samiksha : Atulya Khare

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 pustak samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : शब्दों के गाँव द्वारा : रमेश खत्री विधा : काव्य  मंथन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संस्करण : 2023 मूल्य : 250.00 समीक्षा क्रमांक : 129 अमूमन साहित्य की प्रत्येक विधा को अपनी विलक्षण प्रतिभा से नवाजने एवं   लेखन कर्म से इतर, साहित्य के प्रकाशन में भी सतत एवं सक्रिय योगदान हेतु खत्री जी का नाम साहित्य जगत में अत्यंत सम्मान भाव से लिया जाता है। लेखन एवं प्रकाशन से उनकी दीर्घकालीन संबद्धता है तथा उनकी निरंतर सक्रियता निःसंदेह युवा साहित्यकारों हेतु प्रेरणादायी है। शासकीय सेवा काल के दौरान उनका साहित्य सृजन अबाध गति से जारी रहा जो की सेवानिवृत्ति पश्चात पूर्व की अपेक्षा और अधिक तीव्र वेग से आगे बढ़ रहा है।      प्रस्तुत कविता संग्रह "शब्दों के गाँव" वरिष्ठ कथाकार रमेश खत्री द्वारा अत्यंत भावपूर्ण   कविताएं सँजोई गई हैं जिनके अर्थ सहजगम्य नहीं है किन्तु अत्यंत गूढ कहे जा सकें इतने कठिन भी नहीं। पुस्तक गंभीर पाठन   या कहें तो डूब कर पढ़ने जितनी गंभीरता समेटे हुए है जिसमें विभिन्न विषयों के संदर्भ...

Asia Ki Lok Kathayen -- pustak samiksha : Atulya Khare

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 Pustak Samiksha : Atulya Khare  समीक्षित पुस्तक : एशिया की लोक कथाएं द्वारा रमेश खत्री विधा : लोक साहित्य   मोनिका प्रकाशन जयपुर द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2022 मूल्य: 350.00 पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक : 152   वरिष्ट लेखक संपादक एवं प्रकाशक रमेश खत्री जी   द्वारा प्रस्तुत पुस्तक “एशिया की लोक कथाएं” तकरीबन 20 राष्ट्रों की लोक कथाओं का संकलन है। जिसमें लेबनान, रशिया, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, इज़राइल, साइप्रस, उज्बेकिस्तान, कंबोडिया, यूनान, जापान, मॉरीशस, तिब्बत आदि देशों की लोक कथाओं को सँजोया गया है। इतनी विभिन्न संस्कृतियों   की लोक कथाएं एक ही पुस्तक में प्राप्त होना ही अपने आप में अत्यंत सुखद है एवं खत्री जी का भागिरथी प्रयास सराहनीय। पुस्तक के विषय में कुछ बात करें उसके पहले यह जान लेना आवश्यक   है की लोक कथाएं क्या हैं। अत्यंत सरल एवं साधारण रूप में कहा जा सकता है कि लोक कथाएं ऐसी कहानियाँ हैं जो पीढ़ियों से मौखिक रूप से सुनाई जाती हैं और समाज में लोकप्रिय होती हैं। ये कहानियाँ अक्सर पारंपरिक ज्ञान , मूल्यों , और स...