Zindagi Store -- Pustak Samiksha : Atulya Khare
pustak samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : ज़िंदगी स्टोर द्वारा : भरत गढ़वी FLYDREAMS द्वारा प्रकाशित मूल्य : 220 /- शेर लेखन एक कला है जिसके लिए श्रेष्ठ वैचारिक सम्पदा, गहन सोच ,गंभीर विचारों का खजाना और एवं उपयुक्त शब्दों का चयन वांक्षणीय है। शेर केवल दो ही पंक्तियों का होता है। इस की पहली पंक्ति को मिसरा-ए-उला कहते हैं जबकि दूसरी पंक्ति को मिसरा-ए-सानी कहते हैं। शेर के दोनों मिसरे निर्धारित मात्रिक-क्रम की दृष्टि से एक से होते हैं। हम कह सकते है कि शेर दो पंक्तियों की एक कविता होती है , इसमें तुकबंदी होना अनिवार्य नहीं है , हो भी सकती है और नहीं भी। वहीं शायरी अपने मन की बात को अभिव्यक्त करने का बिल्कुल अलग आयाम है। शायरी लिखने में विशेष तौर पर शब्दों का ध्यान रखना होता है ।शायरी पिछली कई सदियों से लोगों के दिलों पर राज करती हुई आ रही है। शेरों की पंक्तियों को और उनके पढ़ने के अंदाज़ को शायरी कहते हैं। शायरी एक साहित्यिक कृति है जिसमें विशिष्ट शैली और लय के उपयोग से भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति को ...