संदेश

Kanpur To Kalapani By Roopsingh Chandel

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  कानपुर टु कालापानी द्वारा : रूपसिंह चन्देल   अमन प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2019 मूल्य : 225.00 समीक्षा क्रमांक : 217            “कानपुर टू कालापानी” ,  वरिष्ठ उपन्यासकार रूप सिंह चन्देल द्वारा लिखित एक विशिष्ट उपन्यास है, जिसे   अमन प्रकाशन   ने वर्ष 2019 में प्रकाशित किया था। रूप सिंह चंदेल जी द्वारा प्रथम विश्व युद्ध के परिदृश्य में लिखित एक सामाजिक उपन्यास जो तत्कालीन भारत की सामाजिक, आर्थिक एवम धार्मिक स्थितियों का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है। प्रस्तुत उपन्यास प्रथम विश्व युद्ध काल में, जुझारू, मेहनतकश एवं साहसी नवयुवक की जीवन गाथा है, जो युवाओं के दिलों में धड़कती स्वतंत्रता प्राप्ति की आग तथा स्वदेश के लिए मर मिटने की भावना दर्शाता है। इस उपन्यास का मुख्य पात्र “सरजू” एक परिश्रमी, साहसी एवं जीवन में वास्तविक ज्ञानार्जन हेतु सदैव उत्सुक एवं उत्साहित रहने वाला नवयुवक है , जो उस समय आम भारतीय के जीवन के नित्य प्रति संघर्ष एवं जोश को दर्शाते हुए युवा वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके माध्यम से हमें तत्क...

Raag Kasoomal By Dr. Ramesh Chand Meena

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  राग कसूमल द्वारा : डॉ.रमेश चंद मीणा   वेरा प्रकाशन जयपुर द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2026 मूल्य – 250 समीक्षा क्रमांक : 216 प्रेम, एतिहासिकता एवं कला का सुंदर सुयोग प्रस्तुत करता, “राग कसूमल” युवा कलाकार, साहित्यकार डॉ. रमेश चंद मीणा का सद्य प्रकाशित उपन्यास है जिसे वेरा प्रकाशन जयपुर द्वारा अत्यंत सुरुचिपूर्ण कलेवर में प्रस्तुत किया गया है। पेशे से चित्रकला शिक्षण का दायित्व निबाहते हुए, डॉ .रमेश चंद मीणा, चित्रकला की दुनिया में एक स्थापित नाम एवं सुपरिचित चेहरा है जिन्हें हाल फिलहाल तक रवीन्द्र नाथ टैगोर कला सम्मान , अजन्ता एलोरा कला दीर्घा सम्मान के साथ साथ अनेक नामचीन स्थाओं द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित पुरुस्कारों द्वारा नवाज़ा जा चुका है। पुस्तक का आवरण पृष्ट राजस्थानी रजवाड़ों की झलक दर्शाता हुआ आकर्षक है वहीं विशिष्ठ उल्लेख यह भी की पुस्तक के प्रकाशन में प्रकाशक द्वारा किये गए प्रयास सार्थक हैं तथा पुस्तक पूर्णतः त्रुटि रहित है।    यूं तो यह डॉ. रमेश की बतौर उपन्यासकार पहली प्रस्तुति है, किन्तु भक्ति, प्रेम, काव्यात्मकता तथा ऐतिहासिक पृष्टभूमि को...

Maykhana By Rajesh Chouhan

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  मयखाना विधा : गजल द्वारा : राजेश चौहान सम्पादन: एम . ए . समीर VETERAN PUBLISHING HOUSE द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2025 मूल्य : 199 समीक्षा क्रमांक : 215   अरबी में सामान्य बोलचाल में शराब को खमर कहते हैं जो सूफी संदर्भ में मरीफ़त (ज्ञान) के साथ मिलकर रूहानी मस्ती को दर्शाता है,और साधक ईश्वर के प्रेम में लीन हो दुनिया से बेखबर हो जाता है। अर्थात दुनिया के मोह-माया से मुक्ति और ईश्वर में विलीन होना यह संदेश मुखतः इन गज़लों का उद्देश्य होता है। सूफी शायरी में शराब कोई भौतिक द्रव्य नहीं अपितु ईश्वर के प्रेम और ज्ञान का नशा है वहां साकी खुद ईश्वर है , और मयखाना वह स्थान है जहाँ आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है। प्रस्तुत गजल संग्रह ”मयखाना” वरिष्ठ गजलकार राजेश चौहान की चुनिंदा गज़लों का संग्रह है जिसे एम . ए . समीर जी के सम्पादन में VETERAN पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित किया गया है। यथा नाम से ही स्पष्ट है संग्रहीत गजलें शराब और मयखाने के परिवेश में ही रची गई हैं। वहीं सूफी शायरी से जुदा आम शायरी में, इश्क में मिली नाकामी , बेवफाई , तन्हाई और जमाने के गम ...

Adhjale Thudde By Hansa Deep

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  अधजले ठुड्डे विधा : कहानी द्वारा : हंसा दीप वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 399.00 समीक्षा क्रमांक : 214    हंसा दीप समकालीन हिंदी साहित्य का सुपरिचित, प्रखर, हस्ताक्षर जिन्होंने सात समंदर पार से भी हिन्दी के साहित्यिक परिदृश्य को अपनी अविस्मरणीय कृतियों द्वारा समृद्द किया है। उनकी लेखनी का साहित्य के माध्यम से दो भिन्न राष्ट्रों की भिन्न संस्कृतियों के बीच एक सूत्र रूप में उल्लेखनीय एवं अविस्मरणीय योगदान है। उनकी कहानियों के माध्यम से वे भारतीय संस्कारों तथा विचारों को पाश्चात्य परिवेश के साथ अत्यंत गरिमा मर्यादा एवं संवेदनशीलता से संबद्द करती है। ​एक विदुषी के रूप में उनकी वैचारिक स्पष्टता एवं लेखिका के रूप में सहज एवं स्पष्ट अभिव्यक्ति को पाठकों से सदैव श्रेष्ट सकारात्मक प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। उन के द्वारा सृजित कृतियों की फेहरिस्त लंबी है किन्तु चंद नाम उल्लेखनीय हैं यथा उपन्यासों में : “बंद मुट्ठी”,“कुबेर”, “केसरिया बालम”, “कांच के घर”, तो वहीं कहानी संग्रह, “चश्मे अपने अपने”, “प्रवास में आसपास”, “शत प्रतिशत” आदि वहीं उनकी रचनाएं विभिन्न भाषाओं म...