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Damyanti -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : दमयन्ती द्वारा : शिखा मनमोहन शर्मा दृष्टि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम प्रकाशन : 2026 मूल्य : 250 समीक्षा क्रमांक : 246                     शिखा मनमोहन शर्मा द्वारा लिखित उपन्यासों " नीरा " एवं " अभी मैं जिंदा हूँ " की समीक्षा पूर्व में मेरे द्वारा की गई थी एवं उनके द्वारा रचित इस तीसरी पुस्तक को पढ़ने के पश्चात लेखिका की शैली के विषय में अब निःसंकोच कहा जा सकता है कि वे मात्र कथानक में रंग ही नहीं भरती अपितु पात्रों के भावों को जीती हैं उनके पात्रों के मनोभावों की शाब्दिक अभिव्यक्ति ही उनके द्वारा हमारे समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं एवं अपने कथानक के पात्रों के मनोभावों को सहज स्वाभाविक एवं पूर्ण वास्तविकता के संग व्यक्त करने में उन्हें महारथ हासिल हैं।                     प्रस्तुत पुस्तक " दमयंती ", प्रसिद्द नल दमयंती की कहानी है जो युगों युगों से कही सुनी जाती रही है , तथा विलक्षण आत्मिक प्रेम के लिए स...

Stalemate -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : स्टेलमेट द्वारा : दीपक गिरकर न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन , नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित प्रथम प्रकाशन : 2026 मूल्य : 299/- समीक्षा क्रमांक : 245 बहुमुखी प्रतिभा के धनी , शांत एवं सौम्य व्यक्तित्व के स्वामी वरिष्ठ समीक्षक एवं साहित्यकार श्री दीपक गिरकर ने अमूमन हिन्दी साहित्य की समस्त विधाओं को अपने श्रेष्ट सृजन द्वारा समृद्ध किया है। उनके लेखन हेतु विषय कभी भी बंधन नहीं रहे , ऐसा प्रत्येक विषय जो कहीं न कहीं उनके मन को विचलित कर गया उस पर उनके भाव शब्द रूप में अभिव्यक्त होकर हमारे सामने आ गए। प्रस्तुत उपन्यास “स्टेलमेट” का शीर्षक प्रथम दृष्ट्या चौँकाता अवश्य है किन्तु मात्र समान भाव के , यह कहीं भी शतरंज के खेल से संबद्ध नहीं है। यह कहानी है जीवन की बिसात पर चलते हुए मोहरों की , जिंदगी की उस अवस्था की , जिसे शतरंज की भाषा मे स्टेलमेट कह लें या फिर रोज मर्रा की ज़िंदगी में किंकर्तव्य विमूढ़ता या फिर गतिरोध , जीवन की उसी विशेष अवस्था को वरिष्ठ लेखक द...

Ye Ishq Nahin Aasan -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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         .   Pustak Samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : ये इश्क नहीं आसां विधा : “कथेतर” सम्पादन : राजेन्द्र राजन समृद्द पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2025 मूल्य : 399.00 समीक्षा क्रमांक : 244                                                                                                                        “ये इश्क नहीं आसां” राजेन्द्र राजन जी द्वारा संकलित एवं संपादित तथा समृद्द पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित एक संग्रहणीय “कथेतर” संग्रह है। पुस्तक हाथ में लेने के भी पूर्व जो प्रश्न सहज ही उपस्थित हो जाता है वह है पुस्तक की विधा से संब...