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k se kahaniyan By Abhinav Gupta

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  क से कहानियाँ विधा: कहानी द्वारा: अभिनव गुप्ता बोधरस प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण: 2025 मूल्य : 200 समीक्षा क्रमांक : 210 “क से कहानियां,” युवा लेखक अभिनव गुप्ता का पहला कहानी संग्रह है किन्तु अभिव्यक्ति में परिपक्वता , सरल भाषा, प्रवाह में सरलता तथा पाठक के दिल तक पहुचने की कला , उनमें अपार संभावनाएं दर्शाती है। पुस्तक के प्रारंभ से पूर्व ही , पिता के लिए श्रद्धा सुमन स्वरूप लिखित चंद पंक्तियां प्रभावित करती हैं एवं पुस्तक की सबसे सुंदर पंक्तियों में से है। पुस्तक में यूं तो 12 कहानियां संग्रहीत हैं किन्तु सब अपने भाव एवं कथानक में विविधता रखते हुए हमारे इर्द गिर्द की बात ही लगती हैं। कही किसी विषय विशेष अथवा अद्भुत पात्र का सृजन नहीं है , पात्र भी हमारे अपने ही लगते हैं, फिर वह करीबी रिश्तेदार हो अथवा कोई मित्र या पड़ोसी, सब से पाठक को सहज ही जुड़ाव हो जाता है एवं सब अपने लगने लगते हैं, और कहानी अपनी कहानी । प्रमुखता से कहा जा सकता है कि विषय अथवा परिदृश्य सृजित कर, पात्र उसमें पिरोये गए हों ऐसे प्रतीत नहीं होते, अपितु वे तो अपने सहज प्रवाह में कथानक से जुड...

KayaKalp By M.I.Rajsve

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  कायाकल्प द्वारा : एम. आई. राजस्वी विधा: उपन्यास Veteran  पब्लिशिंग हाउस     द्वारा प्रकाशित मूल्य : 299 समीक्षा क्रमांक : 209                                             गुणात्मक एवं स्तरीय साहित्य की अभिलाषा रखने वाले सुधि पाठक , वरिष्ठ लेखक एवं  संपादक, राजस्वी जी के नाम से बखूबी परिचित हैं , बात करें यदि उनकी साहित्य जगत में उपस्थिति और साहित्य सेवा की तो कहना अतिशयोक्ति न होगी की उनका कार्य स्वमेव उनकी पहचान है। उनके प्रकाशित एवं संपादित हिन्दी साहित्य की फेहरिस्त लंबी है फिर भी “अश्वत्थामा का अभिशाप,” “रामायण,” “जय  हनुमान केसरीनंदन” इत्यादि का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। उनके लेखन से सहज लक्षित होता है की वे अपने गहन अध्ययन, गहरी पौराणिक एवं ऐतिहासिक समझ एवं रचनाशीलता का प्रयोग ऐतिहासिक एवं पौराणिक विषयों पर उच्च कोटि के सारगर्भित साहित्य सृजन हेतु करते हैं। सामान्य भाषा का प्रयोग , विचारों में स्पष्टता और व्यर्थ के विष...

Doob By Hariyash Rai

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  दूब विधा : उपन्यास द्वारा : हरियश राय सेतु प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 325.00 समीक्षा क्रमांक :   208 वरिष्ठ साहित्यकार, जिन्हें ज्वलंत एवं   विशिष्ठ विषयों पर गंभीर, तथ्यपरक, प्रभावी एवं सूक्ष्म विश्लेषण तथा गहन अध्ययनपरक लेखन हेतु जाना जाता है, प्रचार प्रसार से दूर एक ऐसी शख्सियत, जो   शांत रहते हुए विनम्रता से निरंतर साहित्य सृजन कर्म में तल्लीन हैं , ऐसे कथाकार हरियश राय जी द्वारा सृजित यह   उपन्यास “दूब”   अपने नाम से ही आकृष्ट करता है (आवरण पृष्ट भी आकर्षक, किन्तु लीक से हटकर है जो विषय के संग बहुत सहज मेल करता है)।   शीर्षक “दूब” अपनी स्वाभाविक एवं प्राकृतिक नजाकत के साथ जहां पर्यावरण की सुरक्षा की आवश्यकता पर प्रमुखता से ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास करता है, वहीं यह संदेश भी देने में पूर्णतः सक्षम एवं प्रभावी सिद्द होता है कि वर्तमान विकास एक बड़ी हद तक पर्यावरण का व्यतक्रमानुपाती है। दूब, जहां एक ओर विनम्रता की मिसाल है वहीं यह संदेश भी, कि कठिन से कठिन तूफान भी दूब के अस्तित्व को नहीं मिटा सकते। दूब प्रतीक है पवित्रता का , द...

Utre Pairahan Khamoshi Ke By Kishwar Anjum

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  “ उतरे पैरहन खामोशी के ”  विधा : कविता द्वारा: किश्वर अंजुम   पाखी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 240.00 समीक्षा क्रमांक : 207                               “ उतरे पैरहन खामोशी के ”, “किश्वर अंजुम” , द्वारा रचित भावपूर्ण कविताओं का सुंदर संग्रह है , “किश्वर अंजुम” वह नाम है जो आज साहित्य से ताल्लुक रखने वालों के बीच खूब पहचाना  जाता है और किसी परिचय का मोहताज तो कतई नहीं है उनकी कृति स्वयं उनका परिचय हैं ।       पूर्व में जहां उन्होंने हिन्दी साहित्य को अपनी बेहतरीन कृतियों यथा   “परछाइयाँ अँधेरों की” ,” त्रिवेणी”, “प्रतीक्षा में प्रेम”, आदि   के द्वारा समृद्द किया है उसी शृंखला में अब उनका नवीनतम काव्य संग्रह   “उतरे पैरहन खामोशी के” कुछ ऐसी भाव प्रधान नज़्म लेकर आया है जो पाठक को अपने मन के अंदर उस ढंकें हुए कोने में   झाँकने को विवश करता है जिस से वह या तो बचता रहा है या फिर कभी उस पर गौर ही नहीं किया है और इस प्रक्रिया में जीवन के उन अनछ...

Gajshardool By Anish Singh Kharsan

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  गजशार्दूल विधा : ऐतिहासिक गाथा, उपन्यास   द्वारा : अनीश सिंह खरसन   सम्पादन: M.I. राजस्वी VETERAN Publishing House ( VPH ) द्वारा प्रकाशित प्रकाशन वर्ष :   2025 मूल्य : 249 समीक्षा क्रमांक : 206 युवा लेखक एवं पेशी से इंजीनियर, अनीश सिंह खरसन द्वारा सृजित कृति “गजशार्दूल” वरिष्ठ साहित्यकार एम. आई. राजस्वी के सम्पादन में वेट्रन प्रकाशन द्वारा प्रस्तुत की गई है,   के विषय में असमंजस में हूँ की आपसे इसका परिचय शोध ग्रंथ के रूप में करवाऊँ अथवा ऐतिहासिक पात्रों एवं भौगोलिकता को   पुनर्जीवित करते हुए एक अनूठे उपन्यास के रूप में जिसके लेखक, कठिन श्रमसाध्य शोध्यके द्वारा   तत्कालीन भारतवर्ष की शासन व्यवस्था, एवं अन्य सामाजिक पहलुओं पर अत्यंत सूक्ष्म विश्लेषण सहित विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने में सफल हुए हैं।        गजशार्दूल, कल्चुरी नरेश महाराज जाजल्यदेव   एवं नागकुल के राजा   सोमेश्वरदेव की युद्ध विषयक रणनीतियों , कठोर एवं क्रूर दंड व्यवस्था, खुफिया अभियानों, सामाजिक सद्भावना , पारस्परिक विश्वास की कमी एवं ...