Aalochna Ka Janpaksh -- pustak samiksha : Atulya Khare
pustak samiksha : Atulya Khare समीक्षित पुस्तक : आलोचना का जनपक्ष द्वारा : रमेश खत्री प्रकाशक : मंथन प्रकाशन, जयपुर शीर्षक : प्रस्तुत पुस्तक हिंदी साहित्य जगत में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कुछ विशिष्ट साहित्यकारों की रचनाओं की विस्तृत समालोचना करते हुए चंद आलोचनात्मक लेखों का संग्रह है । अतः शीर्षक सर्वथा युक्तियुक्त एवं तर्कसंगत है। रचनाकार : रचनाकार रमेश खत्री जी के विषय में बताता चलूं , खत्री जी की विभिन्न पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है वह काफी लंबे समय से साहित्य से जुड़े हुए हैं एवं पूर्व में भी उन्होंने आकाशवाणी को अपनी सेवाएं दी जिसको हम साहित्य से जुड़ा हुआ होना ही मानते हैं उनके विभिन्न कहानी संग्रह जैसे “साक्षात्कार” “देहरी के इधर-उधर” ‘” महायात्रा” ,”ढलान के उस तरफ” , “ इक्कीस कहानियां” आदि प्रकाशित हुए हैं ...