Thakur Darwaza By Sumati Saxena Lal
ठाकुर दरवाज़ा द्वारा : सुमति सक्सेना लाल विधा : उपन्यास अमन प्रकाशन, कानपुर द्वारा प्रकाशित प्रथम प्रकाशन वर्ष : 2018 मूल्य : 225.00 समीक्षा क्रमांक : 221 जब कभी भी हिंदी साहित्यि को विशिष्ठ योगदान देने वाले रचनाकारों का ज़िक्र होता है , तो उन में अत्यंत वरिष्ट लेखिका सुमति सक्सेना लाल का नाम विशेष आदर, सम्मान के साथ लिया जाता है। गंभीर , सामान्य - तौर पर पारिवारिक अथवा अपने बेहद करीबी परिवेश से चुने गए विषय को कथानक का आधार बना कर अत्यंत सुरुचिपूर्ण , गरिमामयी , स्वस्थ रचनाएँ गढ़ने में वरिष्ट लेखिका सुमति सक्सेना लाल का कोई सानी दूर दूर तक दृष्टिगोचर नहीं होता। उनकी विभिन्न रचनाएँ तत्कालीन समस्त प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहीं , साथ ही आपने उसी दौरान साहित्य को कई अनमोल संग्रहणीय रचनाएँ दे कर कृतार्थ किया। यूं तो उनके द्वारा सृजित विभिन्न उपन्यास एवं कहानी संग्रह आदि हैं किन्तु उनमें से चंद उल्लेखनीय हैं यथा “ अलग अलग दीवारें ”, “ फिर...और फिर “, ” दूसरी शुरुआत ”,” होने से न होने तक ” “ वे लोग “ आदि। उनकी कृतियां सदैव ही काफी स...