समीक्षक परिचय

 आत्मपरिचय  


🙏नमस्कार मित्रों ,  

मैं अतुल्य खरे , 

पारिवारिक माहौल एवं परिवेश के प्रभावस्वरूप , पुस्तकों, साहित्य गतिविधियों एवं गंभीर साहित्यिक विचारों के प्रति सदा  से ही विशेष रुचि रही, फलस्वरूप पुस्तक पठन पाठन एवं समीक्षा लेखन प्रारंभ हुआ , इस ब्लॉग का प्रमुख उद्देश्य प्रबुद्द पाठक जन को हिन्दी साहित्य के बहुमूल्य मोती रूपी पुस्तकों से परिचित करवाकर उन्हे वापस हिन्दी साहित्य से जोड़ना है। 

आपके सुझाव एवं प्रतिक्रियाओं का सादर स्वागत है। 

                                                                                                                                      

         अतुल्य खरे  

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