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Love You Zindgi -- Pustak Samiksha : Atulya Khare

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 Pustak Samiksha : Atulya Khare  समीक्षित पुस्तक : “लव यू ज़िंदगी” द्वारा : गीतांजलि गंभीर विधा: उपन्यास विचार प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम प्रकाशन वर्ष : 2025 मूल्य : 250.00 समीक्षा क्रमांक : 226 विभाजन की त्रासदी के परिप्रेक्ष्य में सृजित  “लव यू ज़िंदगी”,  गीतांजलि गंभीर द्वारा सृजित तथा विचार प्रकाशन द्वारा प्रकाशित,  कथानक न केवल उस तकलीफदेह निर्णय की प्रासंगिकता को कटघरे में खड़ा करता है अपितु विस्थापन के ज़ख्म, जो अब नासूर बन गए हैं, कैसे पीढ़ी दर पीढ़ी दर्द दे रहे हैं इसे बखूबी लक्षित करता है। कहानी भारत-पाक विभाजन के उस रक्तरंजित अध्याय से शुरू होती है , जहाँ लाहौर शहर में बसा एक सम्पन्न, खुशहाल हिन्दू परिवार रातों-रात न सिर्फ बेघर हो जाता है अपितु आर्थिक रूप से पूर्णतः तबाह हो चुकने के साथ ही अपने परिवार के सदस्यों की इज्जत एवं जीवन रक्षा हेतु भी संघर्षरत रहता है।  शिवानी जो पाठकों को अपने संग यादों के इस सफ़र पर लेकर चलती हैं उनके दादा-दादी , माता,पिता जो कभी लाहौर की संभ्रांत हस्ती थे , रातों-रात शरणार्थी बन जाते हैं तथा अपनी पुश्तैनी जायज़ाद , सं...