Thaluaa Chintan -- Pustak Samiksha : Atulya Khare
Pustak Samiksha : Atulya Khare ठलुआ चिंतन द्वारा : राम नगीना मौर्य विधा : कथा संग्रह (व्यंग्य) रश्मि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रथम संग्रह 2024 मूल्य : 300.00 बात हिन्दी साहित्य में स्वस्थ व्यंग्य लेखन की हो तो मौर्य जी का नाम स्वतः ही जुबान पर आ जाता है। विभिन्न प्रकाशित पुस्तकों की अच्छी खासी संख्या के अलावा भी समय समय पर उनकी रचनाएं भारतवर्ष के अमूमन हर प्रतिष्ठित पत्र पत्रिका में प्रकाशित होती रहती है। वे रचनाएं जो पुस्तक रूप में प्रकाशित हो चुकी हैं उनके अलावा भी मौर्य जी के पास रचनाओं का विशाल भंडार है, तात्पर्य यह की साहित्य सृजन हेतु उनकी प्रतिबद्धता अद्वितीय है एवं सुधि पाठकों को और भी बहुमूल्य साहित्य का रसास्वादन करने के अवसर भविष्य में भी निरंतर मिलते रहेंगे। उनकी रचनाओं में भाषा भाव सहज सरल प्रवाह में रहता है एवं वे पाठक को सहज ही कथावस्तु से जोड़ कर मौके पर उपस्थित होने का एहसास करवा देते हैं। स्थान , पात्र एवं अवसर के मुताबिक ही शब्द प्रयुक्त होते हैं, साथ ही वे अपनी रचना में आवश्यकतानुसार क...