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Hua Karte The Radhe By Meena Gupta

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 “हुआ करते थे राधे”  विधा: उपन्यास  द्वारा : मीन गुप्ता  सेतु प्रकाशन द्वारा प्रकाशित  प्रथम संस्करण : 2024  मूल्य : 375.00  समीक्षा क्रमांक :  191 "हुआ करते थे राधे" , मीना गुप्ता जी द्वारा रचित एक पठनीय उपन्यास । हालांकि मेरा उनके लेखन से परिचय इसी उपन्यास के द्वारा ही हुआ किंतु अपना कायल कर गया ।  उपन्यास मूलतः एक विशेष कस्बे में रहने वाले  एक परिवार की तीन पीढ़ियों की उन्नति अवनति विकास और विस्तार की कहानी है ।  उपन्यास में वर्णित घटनाक्रम के द्वारा जिस तरह से पाठक, पात्रों से परिचित होता जाता है एवम कथानक से स्वयं को संबद्ध करता है,  वह कहीं से भी उपन्यास प्रतीत नहीं होता बस यूं जान पड़ता है मानो कोई व्यक्ति अपने परिवार के विषय में आपके सामने बैठ आपको सिलसिलेवार सब कुछ सुना  रहा हो , यह  लेखिका की शैली की विशेषता ही कही जाएगी । भाषा  भी क्लिष्ट से दूर अत्यंत  सरल रखते हुए उचित स्थानों पर पात्रों द्वारा क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग कथानक को अधिक रोचक बना देता है ।   घटना क्रम को जिस तरह से पिरोया ग...

Do Shabdon Ke Beech Mein Chhuti Hui Jagah By Hargovind Puri

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  दो शब्दों के बीच में छूटी हुयी जगह   द्वारा : हर गोविन्द पुरी  विधा : कविता  New World Publication द्वारा प्रकाशित  प्रथम संस्करण 2025 मूल्य : 250  समीक्षा क्रमांक : 189    प्रकाशित कृतियों कि दृष्टि से अथवा कविताओं के विषय एवं पाठकों के बीच उनकी लोकप्रियता को पैमाना मानें तो हरगोविंद जी को खासा स्थान प्राप्त है . अब तलक उनके कई कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमे "पिता की नींद", “उदास आंखों के सपने”, “कविता बोलती है”, “मां का आंचल” आदि प्रमुखता से उल्लिखित किये जा सकते हैं वहीँ , समय समय पर उनकी रचनाएं विभिन्न स्थापित पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित  होती रहती हैं अतः सहज ही स्पष्ट है कि उनके सृजन को पाठकों का अच्छा प्रतिसाद प्राप्त होता है. एवं मेरी दृष्टि में इसका मूल भूत कारण उनका सामान्य जन का कवि होना ही हैं .  एक आम इंसान के भाव ही उनकी कविता में हमें शब्द रूप में दीखते हैं . उनकी कविताओं में उनके जमीन से जुड़े हुए होने की तस्दीक अमूमन हर रचना करती  है और चूंकि वे सामान्य जन कि बात उन्हीं कि भाषा में व्यक्त करते हैं इस...