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Doosra Akash By Dr Naresh Dadhich

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  दूसरा आकाश दूसरा आकाश विधा : काव्य संग्रह   द्वारा : डॉ. नरेश दधीच मोनिका प्रकाशन जयपुर द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण : 2021 मूल्य : ₹ 290.00 समीक्षा क्रमांक :  126 अपने आप में 92   दुर्लभ एवं विविधता लिए हुए   भावों को संजोए हुए एक ऐसी कृति है जिसे सहज में लिया जाना सृजक एवं सृजन के संग अन्याय ही होगा। जमीन से जुड़ी हुई किंतु प्रगति को उन्मुख , तथा सृष्टि को , इस जगत को एक भिन्न दृष्टि से अपने ही नजरिए से देखने का प्रयास है। एक नया ही व्यक्तित्व है , गंभीर विचरण है एवं उस विचारण को समर्थित करता व संबल प्रदान करता भाषा का   सुंदर कलात्मक प्रयोग भी दर्शनीय है। उनके विचारों की सम्पूर्ण एवं स्पष्टता प्रदर्शित करती हुई है संग्रह की पहली ही कविता "कवि" उनकी कविता सामान्य से कुछ भिन्न है यथा शीर्षक भी   दूसरा आकाश है और सामान्य से भिन्न है उनका आकाश । उनकी कविता “मेरा अस्तित्व” कहीं भीतर तक प्रभावित करती है जहां उनके अमिट एवं स्थाई रहने के भावों के स्पष्ट संकेत मिलते हैं जब वे कहते हैं कि: मेरे आंगन की धूप मेरा इंतजार करती है आज भी  ...

Jiya Kachhu Manat Nahin By Doctor Aruna Pathak

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  जिया कछु मानत नाहीं जिया कछु मानत नाहीं विधा कहानी संग्रह द्वारा डॉक्टर अरुणा पाठक   True  Sign पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित   प्रथम संस्करण : 2024 पृष्ट : 124 मूल्य: ₹.175 समीक्षा क्रमांक : 124     सहज सरल भाषा में आम जन की   रोज मर्राह की सुख दु:ख के किस्से बयान करती , अपने आप में , जीवन से जुड़े अनेकोनेक आयामों के , संबद्ध मनोभावों के विभिन्न रंगों को समेटे हुए 16 चुनिंदा कहानियों का संग्रह है "जिया कछु मानत      नाहीँ "। बेशक यह डॉक्टर अरुणा का प्रथम प्रकाशित कहानी संग्रह है किंतु लेखन उनकी स्पष्ट सोच एवं सुलझे विचारों , विषय वस्तु पर पकड़ तथा गंभीर सोच का परिचय सहज ही दे जाता है।     कहानी संग्रह का शीर्षक सहज ही आकर्षित करता है , जिसकी अधिकांश कहानी नरिविमर्श आधारित हैं पहली ही कहानी "व्यथा" में एक मां के अंतर्मन की व्यथा को जिस प्रकार बिना   शब्द दिए मात्र परिदृश्य के माध्यम से प्रकट करा गया है वह निःसंदेह उनकी अभिव्यक्ति की विलक्षण प्रतिभा को सम्मुख रखता है । पुस्तक की शीर्षक कहानी "ज...

Khil Uthe Palash By Jyoti Jha

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  खिल उठे पलाश खिल उठे पलाश   द्वारा ज्योति झा विधा : उपन्यास   मोनिका प्रकाशन जयपुर द्वारा प्रकाशित प्रथम संस्करण 2020 मूल्य 400.00 समीक्षा क्रमांक  123   ज्योति झा नारी मन के झंझावात को खूबसूरती से उकेरने के अपने विशिष्ठ हुनर के लिए बखूबी पहचानी जाती हैं ।   पूर्व में भी उनकी कहानियों का संग्रह प्रकाशित हुआ था जिसे पाठकों द्वारा पसंद किया गया था एवं साहित्यिक गलियारों में उनकी समय समय पर विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाली रचनाओं के ज़रिए दी जाने वाली पुरजोर दस्तक, साहित्य मनीषियों के बीच गौर से सुनी जाती है। कहानियों के लिए उन्हें विभिन्न साहित्यिक मंचों द्वारा पुरस्कृत किया गया है जो स्वतः ही उनके उत्कृष्ठ कार्य की दास्तान बयां करता है।   नारी मन के सुलझते उलझते विचारों के बवंडर में जीवन के विभिन्न आयामों को अत्यंत खूबसूरती से दर्शाता हुआ कथानक है “खिल उठे पलाश”, जो एक ऐसी नारी के मन में घुमड़ते हुए उन विचारों को सामने लाती है जो   पति के द्वारा छोड़ देने के बावजूद भी उसके लिए मन के किसी कोने में छुपे मोहपाश से ग्रस्त...

Itna Bhi Mushkil Nahi By Sanjeev Kumar Gangwar

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  इतना भी मुश्किल नहीं द्वारा: संजीव कुमार गंगवार बोधरस प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 350 पृष्ट : 221 समीक्षा क्रमांक :   121                           संजीव गंगवार जी साहित्य की अमूमन प्रत्येक विधा में सक्रिय हैं एवं सतत सशक्त लेखन हेतु बखूबी पहचाने जाते है। प्रख्यात फिल्मकार गुरुदत्त साहब पर लिखी उनकी पुस्तक “कागज के फूल” ने उनकी ख्याति मे सुनहरे सफ़े जोड़े थे हालांकि उनकी अन्य पुस्तकें भी मैंने पढ़ी हैं एवं आपके लिए उनकी समीक्षा भी प्रस्तुत की है जो की समान रूप से सराहनीय थीं।             उनकी प्रस्तुत पुस्तक “इतना भी मुश्किल नहीं” सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के भाव और सफलता की दिशा में अन्य कारकों पर विस्तार से प्रकाश डालती है।             यूं तो हिन्दी में प्रेरणादायी साहित्य एवं वक्ताओं की प्रचुरता है किन्तु अधिकांश को पढ़ने एवं सुनने के पश्चात मेरा यह अनुभव रहा है की पाठक अथवा श्रोता कित...