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Rang Mehsoos Hote Hain by Piyush Singh

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  रंग महसूस होते हैं द्वारा - पीयूष सिंह प्रकाशक – अन्जुमन  प्रकाशन   पीयूष सिंह जी का इसके पूर्व एक काव्य संग्रह “रात की   धूप में” प्रकाशित हो चुका है एवं उसे पाठकों से प्राप्त प्रतिसाद तथा प्रोत्साहन के फलस्वरूप उन्होंने पहले से भी बेहतर प्रस्तुत करने का प्रयास करते हुए नया काव्य संग्रह “रंग महसूस होते हैं” पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। प्रथम कविता संग्रह “रात की   धूप में” जिसकी समीक्षा भी आप के लिए मैंने प्रस्तुत की थी, उस में भी उन्होंने गंभीर सोच का परिचय दिया था और प्रस्तुत संग्रह में भी उन्होंने जीवन में भिन्न भिन्न मौकों पर जो विभिन्न रंग अनुभव किये उन भावों को अपने शब्द दिए हैं। रंगों से तात्पर्य जीवन के हर उतार चढाव, ख़ुशी, पीढ़ा, दर्द, घुटन, और वे तमाम एहसास जो रोजाना की जिंदगी में उन्होंने महसूस किये उन सभी हालात से है जिनके चलते जिंदगी कई रंगों से बनी एक तस्वीर होती है जो   नज़रिए पर निर्भर करती है देखने वाले के,   कि वह उसे किस रूप में देख रहा है। संग्रह “रंग महसूस होते हैं” की काव्यात्मक प्रस्तुति देते हुए कविता “रात की धूप ...

Mohabbat Aur Ibadat By Naveen Nath

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  मोहब्बत और इबादत द्वारा: नवीन नाथ प्रकाशक: CLASSIC ERA पब्लिकेशन   नज़र नज़र में नज़र से वो शोख काम हुआ, कि जाने कल्ब से चाहत भरा सलाम हुआ। “मोहब्बत और इबादत”, यूं तो ज़नाब नवीन नाथ का   पहला   प्रकाशित गीत ग़ज़ल संग्रह है जिसे खूबसूरत वादियों में बसे शहर चंबा से क्लासिक एरा द्वारा प्रकाशित किया गया है   जिसके ज़रिये उन्होंने साहित्य जगत में अपनी आमद पेश करते हुए ग़ज़ल कि दुनिया में पुरजोर दस्तक दी है, लेकिन उनकी ग़ज़लें एवं गीत पढ़ कर उन्हें किसी तजुर्बेकार गज़लकार से कम नहीं आंक   सकते, लिहाज़ा   उनकी हुनरमंदी और काबिलियत के मुरीद हो उन्हें उनके लाज़बाब शेरों के लिए दाद   देनी ही पड़ती है। इस संग्रह कि हर ग़ज़ल और हर एक शेर पर की गयी उनकी मेहनत साफ़ झलकती है।  10 वर्षों से भी ज्यादा उन्होंने उर्दू जुबान की, शायरी की, मतला, मकता, काफ़िया या रदीफ़ जैसी ग़ज़ल कि तमाम बारीकियों की तालीम हासिल करी है, और पूरी तरह से पुख्ता नीव हासिल करने के बाद   उन्होंने अपने अश आर कहे हैं। उर्दू जुबान पर उनकी गहरी पकड़ नज़र आती है फिर चाहे वह ग़ज़ल का मतला हो या   ...

Kagaz Ke Phool by Sanjeev Kumar Gangwar

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  कागज़ के फूल द्वारा:   संजीव कुमार गंगवार प्रकाशक :बोधरस  प्रकाशन         गुरुदत्त जी की कृति "कागज़ के फूल" को केंद्र में रख कर संजीव कुमार गंगवार जी द्वारा  रचित यह पुस्तक जो गुरुदत्त जी के विषय में जानने वालों के लिए निश्चय ही एक संदर्भ ग्रंथ का कार्य करेगी , संजीव जी के , गुरुदत्त जी को , अर्पित   श्रद्धा सुमन है एवं उनके भागीरथी प्रयासों का यह दस्तावेज़     उन्हें आम लेखकों की श्रेणी से काफी ऊपर स्थापित करने में अहभ भूमिका अदा करता है।   संजीव जी का साहित्य में अमूल्य योगदान है एवं उनकी २५ से भी अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है जिन्हें काफी पसंद किया गया ।         गुरुदत्त जी के विषय में किये गए शोध के   अपने अथक   प्रयासो में संजीव जी पूर्णतः सफल हुए है।   इस पुस्तक की विषयवस्तु को इतना सुंदर बनाने में गहनता से किये गए   अनुसंधान पर 5 वर्षों की मेहनत झलकती है।   कुछ हस्तियां आम जन के मानस में वह स्थान प्राप्त कर लेती है कि उन्हें   ...

Ek Anuja by Neelam Jain

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  एक  अनुजा नीलम जैन प्रकाशक :   राजमंगल प्रकाशन             “एक  अनुजा” के   द्वारा सुश्री नीलम जैन ने, साहित्य जगत के द्वार पे पुरजोर   दस्तक दी है।   मूलतः टेक्नोलॉजी क्षेत्र से सम्बद्ध, नीलम जी की   पत्र शैली में रचित यह रचना,   जो अपने आप में 106 पत्र संजोए हुए है, गंभीर एवं गहरी सोच के संग किये   हुये   सृजन का परिणाम    है।   सरल वाक्यांश और साधारण शब्दावली है किंतु विचार एवं भाव गंभीर है गूढ़ दर्शन , आध्यत्म , मनोविज्ञान आदि विषयक विचार अन्तर्निहित हैं। पुस्तक के पीछे उनका विस्तृत अध्ययन , दीर्घ सोच एवं गहन शोध स्पष्ट परिलक्षित होता है।             जीवन की गम्भीरताओं पर बहुत सूक्ष्मता से विचार कर उसका निचोड़ पत्र रूप में प्रस्तुत किया है। पुस्तक की मूल धारा एवं   विचारों को और अधिक स्पष्टता से समझने के लिए चंद पत्र को कुछेक चुनिन्दा अंश यहाँ उल्लिखित कर आपको रचनाओं कि एक झलक दिखलाने का प्रयास करता ...