Jagne se pahle By Prabhu Dayal Khattar

जागने से पहले

जागने से पहले

विधा : बाल कथा

द्वारा: प्रभु दयाल  ठक्कर

अनुराधा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित

पुस्तक समीक्षा क्रमांक : 108

पृष्ट संख्या :109

मूल्य : 200.00

प्रथम संस्करण :  2022

 


वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रशासनिक सेवा के दीर्घ कालीन अनुभवों से समृद्ध  प्रभुदयाल खट्टर जी  की पुस्तक “जागने से पहले” बाल कथाओं एवं बाल कविताओं का संग्रह है जो सहज एवं सरल भाषा में बाल सुलभ जिज्ञासा से युक्त विषयों पर  12 बाल कथाएं तथा 40 बाल कविताएं संजोए हुए है । 

          दूरदर्शन तथा राष्ट्रिय अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद् में लगभग 35 वर्षों तक कार्यरत रहने के साथ साथ  खट्टर जी निरंतर साहित्य से जुड़े रहे हैं तथा उन्होनें अमूमन साहित्य की प्रत्येक विधा में सृजन कर्म किया है।  भिन्न विधाओं से सम्बद्ध रहते हुए सेवाएँ दीसमय समय पर विभिन लघुकथा संग्रह एवं काव्य संग्रह प्रकशित हुए ,जिसमें से एक18 कहानियों का संग्रह “उठा पटक” पढ़ने का सौभाग्य मुझे भी मिला जिसमें नारी विमर्श प्रमुख था जो की  अत्यंत सरल शैली में नारी से जुड़े विभिन्न  विषय सामने रखता है । उक्त कहानी संग्रह में विषय भी  ऐसे चुने गए थे जिन पर आमतौर पर बहुत नहीं लिखा जाता अथवा जो लिखा जाता  है वह भीं इतनी दुरूह एवं क्लिष्ठ भाषा शैली में होता है की आम आदमी की पहुँच से बहुत दूर हो जाता है। उनका लेखन अत्यंत सरल है व भाषा शैली भी बेहद सहज।

प्रस्तुत बाल कथा संग्रह की  कहानिया लघु कथा से बढ़ी  है पर फिर भीं छोटी ही कहना  अधिक उचित होगासमीक्षा में उनके पात्रों  एवं घटना क्रम पर कुछ  अधिक  कहने से कहानी ही खुलकर सामने आने के अंदेशा है जिसके  चलते सिर्फ कहानी की विषयवस्तु  एवं उनके प्रस्तुतीकरण पर अधिक ध्यान केन्द्रित किया गया है 

कहानियां छोटी उम्र के बच्चों को ध्यान में रख  कर रची गयी प्रतीत होती हैं वहीं कविताएं , कह सकते हैं कि अत्यंत सरल भाषा में रचित  नर्सरी रायम्स हैं जो कि नन्हे बच्चे खेल खेल  में गाते एवं सीखते रह सकते हैं ।


 

कहानी “जागने से पहले” किशोर वय के लड़के की मां की डांट से बचने एवं शहर की चमक दमक से आकर्षित हो शहर भाग जाने की तैयारी की है जो भावनात्मक होते हुए शिक्षाप्रद भी है । 

तो वहीं “लोहे की गोलियां” कहानी के द्वारा मानव शरीर में उपस्थित आयरन तत्व के विषय में उनकी सहज जिज्ञासा को बहुत ही रचनात्मक तरीके से समझाया गया है । 

कहानी “सबक” भी एक सीख है जो अनजाने में ही सही बच्चे के द्वारा उसके शिक्षक को दे दी जाती है । कानून एवं पुलिस की सामान्य कार्य शैली से परिचय करवाती कहानी है कानून के हाथ जो बच्चो को सरल भाषा में कानून की सामान्य सी जानकारी देती है , तो सत्याग्रह का तात्पर्य समझती हुई कहानी है “सत्याग्रह” ।

विमान दुर्घटना के बाद धैर्य एवं साहस से मुश्किलों का सामना करते हए बचकर निकलने की कहानी है “चौदह घंटे” । यह बच्चों को मुश्किल वक्त में मानसिक संतुलन बनाये रखने व धैर्य न खोने की शिक्षा भी देती है ।

कहानियों की विशेषता है की  लेखक द्वारा प्रत्येक कहानी के प्रारम्भ में कहानी के मूल भाव तथा उस से प्राप्त होने वाले ज्ञान के विषय में संक्षेप में बतलाया गया है जिस से बच्चे अथवा बड़े भी कहानी पढ़ने से पूर्व ही समझ जाते हैं कि वे किस विषय में पढ़ने जा रहे हैं ।

सभी कहानियां एवं कविताएं  बच्चों की उम्रसमझ व रुचि को ध्यान में रखते हुए लिखी गयी हैं व निश्चय ही बच्चों के मानसिक विकास में सहयोगी साबित होंगी। 

पुस्तक सरल भाषा एवं लघु तथा स्पष्ट वाक्य विन्यास के साथ बाल साहित्य में  श्रेष्ठ योगदान है । 

शुभकामनाओं सहित,

अतुल्य

 


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