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Chup Bhi Ek Bhasha Hai By Suresh Singh

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चुप भी एक भाषा है  विधा : काव्य  द्वारा : सुरेश सिंह  New World Publication द्वारा प्रकाशित  मूल्य : 250 समीक्षा क्रमांक : 197  वरिष्ठ कवि सुरेश सिंह अपने पूर्व प्रकाशित कविता संग्रहों भव्य: मकड़जालम, आज फिर धूप मैली है और पृथ्वी फैलाती है पंख के द्वारा अपनी विशिष्ट लेखन शैली से एवं बहुधा अपनी जमीनी जुड़ाव वाली कविताओं के द्वारा वे पाठक वर्ग के बीच अपना विशेष स्थान बना चुके हैं उनकी कविताएं विशेष तौर पर जीवन. प्रकृति, राजनैतिक व्यवस्था से असंतोष  एवं वैश्विक अशांति पर केंद्रित देखी गई हैं।    प्रस्तुत कविता संग्रहों "चुप भी एक भाषा है" के द्वारा उन्होंने अपने तकरीबन १००विचारों को पाठकों  से काव्य रूप में साझा किया है,  एक बात विशेष तौर पर कहीं जा सकती है उनके बारे में कि,  कही भी, उनकी कविता किसी बंधन में नहीं है न भाव के न समाज अथवा राजव्यवस्था के, वे स्वतंत्र लेखन करते है उनके भाव पूर्णतः आजादी के साथ हमारे सामने आते हैं एवं उन्हें पढ़ कर यह स्पष्ट हो जाता है कि उन्होंने मात्र अपने भावों को शब्द दे दिए है बिना किसी अतिरिक्त प्रयास...

KORA KAGAZ BY GAJARA KOTHARI AND NIRMAL CHAWLA

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 “कोरा  कागज” विधा : उपन्यास  द्वारा : गजरा  कोटारी एवं निर्मल चावला  प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित  प्रथम संस्करण : वर्ष 2013  मूल्य : 175  समीक्षा / पाठकीय प्रतिक्रिया क्रमांक : 196 उपन्यास “कोरा कागज़” गजरा कोटारी एवं निर्मल चावला द्वारा लिखा गया जो 2013 में प्रकाशित हुआ किन्तु एक लम्बे अरसे पश्चात  इस  पुस्तक का समीक्षार्थ चयन सिर्फ इस लिए किया गया चूंकि, गजरा कोटारी के नाम  “बालिका वधू” जो की एक समय का मशहूर  TV धारावाहिक  था उसके 2175 एपिसोड्स लिखने का रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में  दर्ज है, और बस यही कारण  रहा कि एक अच्छे उपन्यास कि आस ही मुझे इसको खरीदने को बाध्य कर गयी ।  यूं तो आमतौर पर मैं किसी भी  पुस्तक पर कम से कम ऋणात्मक टिप्पणी करने का प्रयास करता हूँ,  एवं  सामान्य गलतियों को नज़रंदाज़ ही करता हूँ किन्तु यह लिखते हुए  मुझे कतई  अफसोस  नही हो रहा की पुस्तक ने अपनी अनेकोंनेक कमियों के चलते पूर्णतः निराश किया है तथा गलतियों का स्तर सामान्य से कहीं ऊपर हो जाने ...

BANARAS TALKIES BY SATYA VYAS

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 “बनारस टॉकीज”  विधा : उपन्यास  द्वारा : सत्य व्यास हिंद युग्म द्वारा प्रकाशित  प्रथम संस्करण : जनवरी 2015 प्रस्तुत संस्करण : 16 वाँ 2021 मूल्य : 199.00 समीक्षा क्रमांक : 195   सत्य व्यास द्वारा लिखित एवं 2015  में प्रकाशित उपन्यास “बनारस टॉकीज” कई मायनों में विशिष्ठहै  । जहां एक ओर इसकी भाषा शैली कुछ अलग हट कर है, वहीं कथानक का सरल सहज प्रवाह इसे रोचकता एवं लोकप्रियता प्रदान करता है। (6 वर्ष में 16 संस्करण प्रकाशित हो जाना स्वयं ही प्रमाण है )   पाठक इस पुस्तक के पात्रों के संग अपने कॉलेज जीवन के पल फिर से जी लेते हैं ।  शैली विशिष्ट है जो क्षेत्र विशेष की रग में रच बस जाने को बेताब करती है वहीं भाषा वही सीधी सरल बिना किसी विशिष्ट शब्दावली के , जो इस उम्र में आम बनारस का छात्र स्तेमाल करता है और सच कहा जाए तो यह विशिष्ट भाषा शैली ही  पाठक को स्वयं में समाहित करती है  छात्र जीवन की दैनिक गतिविधियां, चुहलबाजियां और मस्ती  है जो सामान्य किंतु अपनी प्रस्तुति से उन्हें विशिष्ट बनाती हैं । छात्रों के बीच सामान्य वार्तालाप ही हो...

Jadu Bhari Ladki By Kishore Choudhary

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 "जादू भरी लड़की"  ( कहानी संग्रह )  द्वारा : किशोर चौधरी  विधा : कहानी  हिन्द युग्म द्वारा प्रकाशित  प्रकाशन वर्ष : 2015, 2020 (2nd)  मूल्य  : 125.00  समीक्षा क्रमांक : 194 कहानीकार किशोर चौधरी मुख्यतः अपनी भाव प्रवण  शैली एवं विशिष्ठ काव्यमयी, सुन्दर प्रवाह युक्त भाषा के लिए जाने जाते हैं .उनके प्रस्तुत कहानी संग्रह में उनकी चुनिन्दा 9  कहानियां हैं जिन पर बात करने से अधिक बेहतर होगा कि उनकी इसी संग्रह कि कहानियों के कुछ चुने हुए अंश जिनसे भाव एवं भाषा दोनों का ही सुन्दर परिचय मिलता है पर एक नज़र डाल ली जाये संभवतः उसके बाद एक एक कहानी पर अथवा किसी कहानी विशेष पर कुछ भी टिप्पणी करने कि आवश्यकता ही न रहे.  वैसे भी किशोर चौधरी एक जाने माने कहानीकार हैं जिन्होंने अपनी खूबसूरत लेखनी के कमाल से पाठकों के दिलों को जीता है उनकी कहानियों में जहाँ एक और हमें रिश्तों कि मुश्किलात और जीवन की जटिलतायें  दिखती हैं वहीँ दूसरी और रिश्तों को बहुत गहराई एवं बारीकी से समझने का अवसर भी मिलता है. उनकी कहानियों में सच्चे सरल प्रेम का कठिनतम पक...

Kashmir Mithak Aur Yatharth By Prakash Chand Jain

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 कश्मीर : मिथक और यथार्थ  विधा : शोध  द्वारा: डॉ . प्रकाश चंद जैन  मोनिका प्रकाशन जयपुर द्वारा प्रकाशित  प्रथम संस्करण वर्ष : 2022 मूल्य : 650 पुस्तक समीक्षा क्रमांक : 193 समीक्षित पुस्तक कश्मीर : मिथक और यथार्थ कश्मीर के प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक के हालत पर एक व्यापक शोध  है जिसे डॉ . प्रकाश चंद जैन द्वारा अत्यंत गहन प्रयासों से सम्पूर्ण सन्दर्भों के संग प्रस्तुत किया गया है जो निश्चय ही कश्मीर सम्बंधित विभिन्न मिथकों को तोड़ते भी हैं साथ ही नवीन अथवा कम लोगों तक ही ज्ञात ऐसे तथ्यों को भी सामने लाते हैं जो कश्मीर के सम्बन्ध में हमारे सोचने के नजरिये में व्यापक परिवर्तन करता है.   पुस्तक के माध्यम से हमें कश्मीर के लम्बे इतिहास को विस्तार से जानने का मौका मिलता है .अनेकों ऐसे तथ्य हैं जो सर्वथा अज्ञात ही रहे अथवा जिन्हें तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया यथा नेहरु का कश्मीर समस्या को न सुलझने देना व् सरदार पटेल से इसे अपने हाथ में लेना . पुस्तक इस विषय पर विस्तार से बात करते हुए विभिन्न लेखकों एवं इतिहासकारों द्वारा सृजित तथ्यात्मक विवरण के हवाले से पाठक क...

Do Dooni Ishq By Sahity Sagar Pandey

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 "दो दूनी इश्क'  द्वारा : साहित्य सागर पाण्डेय  flydreams द्वारा प्रकाशित  प्रकाशन वर्ष : 2020 मूल्य : 150  .00 समीक्षा क्रमांक : 192 "दो दूनी इश्क", युवा लेखक साहित्य सागर पाण्डेय कि सहज सरल भाषा शैली में लिखी गयी एक कुछ कठिन सी किन्तु पूरी दिखने के बावजूद एक अधूरी प्रेम कहानी है . शीर्षक थोडा चौंकाता है किन्तु विषय गंभीर तो अवश्य था पर उसका जिस शैली में बखान किया है उस से सहज ही जुडाव होता है एवं विषय कि जटिलता सहज सी होती प्रतीत होती है. पुस्तक का वर्तमान  कवर लेखन के स्तर से हल्का प्रतीत होता है उसे बेहतर बनाया जा सकता था   वाक्यांश को उनके क्षेत्रीय भाषा के ही अंदाज़ में प्रस्तुत किया है एवं हाल फिलहाल आम तौर पर जो युवा लेखकों कि शैली में देखा जाता है कि कथन को विशिष्ट बनाने हेतु सहज भाषा शैली को व्यर्थ ही तोड़ मरोड़ कर क्लिष्ट शब्दों का अनावश्यक प्रवेश करवा कर उसे कठिन बना दिया जाता है भले ही वह पूर्णतः अनावश्यक एवं कथानक के लिए घातक ही क्यूँ न हो किन्तु इस प्रेम कथा के लेखक ने इस हालिया चलन से अलग हट कर  भाषा को अत्यधिक  सरल एवं क्षे...

Hua Karte The Radhe By Meena Gupta

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 “हुआ करते थे राधे”  विधा: उपन्यास  द्वारा : मीन गुप्ता  सेतु प्रकाशन द्वारा प्रकाशित  प्रथम संस्करण : 2024  मूल्य : 375.00  समीक्षा क्रमांक :  191 "हुआ करते थे राधे" , मीना गुप्ता जी द्वारा रचित एक पठनीय उपन्यास । हालांकि मेरा उनके लेखन से परिचय इसी उपन्यास के द्वारा ही हुआ किंतु अपना कायल कर गया ।  उपन्यास मूलतः एक विशेष कस्बे में रहने वाले  एक परिवार की तीन पीढ़ियों की उन्नति अवनति विकास और विस्तार की कहानी है ।  उपन्यास में वर्णित घटनाक्रम के द्वारा जिस तरह से पाठक, पात्रों से परिचित होता जाता है एवम कथानक से स्वयं को संबद्ध करता है,  वह कहीं से भी उपन्यास प्रतीत नहीं होता बस यूं जान पड़ता है मानो कोई व्यक्ति अपने परिवार के विषय में आपके सामने बैठ आपको सिलसिलेवार सब कुछ सुना  रहा हो , यह  लेखिका की शैली की विशेषता ही कही जाएगी । भाषा  भी क्लिष्ट से दूर अत्यंत  सरल रखते हुए उचित स्थानों पर पात्रों द्वारा क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग कथानक को अधिक रोचक बना देता है ।   घटना क्रम को जिस तरह से पिरोया ग...