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Utre Pairahan Khamoshi Ke By Kishwar Anjum

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  “ उतरे पैरहन खामोशी के ”  विधा : कविता द्वारा: किश्वर अंजुम   पाखी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मूल्य : 240.00 समीक्षा क्रमांक : 207                               “ उतरे पैरहन खामोशी के ”, “किश्वर अंजुम” , द्वारा रचित भावपूर्ण कविताओं का सुंदर संग्रह है , “किश्वर अंजुम” वह नाम है जो आज साहित्य से ताल्लुक रखने वालों के बीच खूब पहचाना  जाता है और किसी परिचय का मोहताज तो कतई नहीं है उनकी कृति स्वयं उनका परिचय हैं ।       पूर्व में जहां उन्होंने हिन्दी साहित्य को अपनी बेहतरीन कृतियों यथा   “परछाइयाँ अँधेरों की” ,” त्रिवेणी”, “प्रतीक्षा में प्रेम”, आदि   के द्वारा समृद्द किया है उसी शृंखला में अब उनका नवीनतम काव्य संग्रह   “उतरे पैरहन खामोशी के” कुछ ऐसी भाव प्रधान नज़्म लेकर आया है जो पाठक को अपने मन के अंदर उस ढंकें हुए कोने में   झाँकने को विवश करता है जिस से वह या तो बचता रहा है या फिर कभी उस पर गौर ही नहीं किया है और इस प्रक्रिया में जीवन के उन अनछ...